मैं कोटा स्टोन की पहचान कैसे करूं?

कोटा स्टोन, भारतीय पत्थरों की दुनिया में एक महत्वपूर्ण नाम है, जो अपनी उच्च गुणवत्ता और सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। कोटा, राजस्थान से निकलने वाला यह पत्थर अपनी टिकाऊपन, चमकदार सतह और विविध रंगों के कारण वास्तुकला और निर्माण क्षेत्र में लोकप्रिय है। लेकिन, बाजार में कई अन्य प्रकार के पत्थर भी उपलब्ध हैं जो दिखने में कोटा स्टोन के समान होते हैं। इसलिए, वास्तविक कोटा स्टोन की पहचान करना महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि कैसे आप असली कोटा स्टोन की पहचान कर सकते हैं।

रंग और बनावट

कोटा स्टोन आमतौर पर हरे, नीले, काले, और भूरे रंग के विविध शेड्स में उपलब्ध होता है। इसकी सतह चिकनी और एक समान होती है। अगर पत्थर की सतह पर अनियमितता या खुरदरापन महसूस होता है, तो यह शायद असली कोटा स्टोन नहीं है।

वजन और मोटाई

कोटा स्टोन सामान्यतः काफी भारी होता है। इसकी मोटाई भी एक समान होती है, जो इसे अन्य प्रकार के पत्थरों से अलग करती है। अगर पत्थर हल्का है या इसकी मोटाई में असमानता है, तो यह असली कोटा स्टोन नहीं हो सकता।

पानी का प्रभाव

कोटा स्टोन जल प्रतिरोधी होता है। जब इस पर पानी डाला जाता है, तो यह पत्थर पानी को सोखता नहीं है। यदि पत्थर पानी सोख लेता है या उस पर दाग बन जाते हैं, तो यह असली कोटा स्टोन नहीं है।

ध्वनि परीक्षण

एक और परीक्षण यह है कि जब आप दो कोटा स्टोन की पत्तियों को एक-दूसरे से टकराते हैं, तो उनसे एक खास प्रकार की ध्वनि निकलती है। अगर ध्वनि स्पष्ट और तेज है, तो यह असली कोटा स्टोन हो सकता है।

उत्पत्ति और प्रमाणीकरण

कोटा स्टोन विशेष रूप से कोटा, राजस्थान से आता है। इसलिए, विक्रेता से उत्पत्ति के बारे में पूछना और यदि संभव हो तो प्रमाणीकरण प्राप्त करना अच्छा होता है।

निष्कर्ष

कोटा स्टोन की पहचान करने के लिए इसके रंग, बनावट, वजन, मोटाई, जल प्रतिरोधक क्षमता, और ध्वनि परीक्षण जैसे गुणों पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, उत्पत्ति और प्रमाणीकरण की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर, आप असली कोटा स्टोन की पहचान कर सकते हैं।

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